धर्मांतरण रैकेट का शक गहराया, कई और किशोरियां फंसी हो सकती हैं जाल में
फूलपुर की किशोरी के धर्मांतरण व जिहादी प्रशिक्षण के लिए केरल ले जाने के मामले में गिरफ्तार की गई दरकशां बानो को लेकर नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि वह पहले भी केरल जा चुकी है। ऐसे में अब यह जांच भी शुरू हो गई है कि इस गिरोह का शिकार अन्य किशोरियां तो नहीं हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक दरकशां के यात्रा रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल खंगालने पर यह जानकारी मिली है कि वह पहले भी एक-दो बार केरल गई थी। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि इस दौरान उसके साथ कौन था। पुलिस ने इस बिंदु पर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अफसर पहले ही यह आशंका जता चुके हैं कि यह मामला एक सुनियोजित नेटवर्क से संबंधित हो सकता है। इस नेटवर्क में गरीब, अनुसूचित जाति की युवतियों, किशोरियों को ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण व कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने के लिए केरल ले जाया जाता है। इस गिरोह में दरकशां जैसे कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो लड़कियों को सब्जबाग दिखाकर नेटवर्क तक ले जाते हैं। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत का कहना है कि फिलहाल आरोपी युवती के पहले भी केरल जाने की जानकारी नहीं है। उसके व अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
केरल के त्रिशूर पहुंची एक टीम
उधर, प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को केरल के त्रिशूर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने केरल पुलिस से संपर्क साधा है और उस हॉस्टल का पता लगा रही है, जहां किशोरी को ले जाया गया था। पुलिस की पांच सदस्यीय टीम वहां पहुंची है।


राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर