पहली बारिश में खुली 'विकास' की पोल: जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे, 1368 करोड़ की लागत से बना था
राजस्थान के दौसा समेत प्रदेश के सभी जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. मानसून की शुरुआत में ही दौसा में झमाझम बारिश जारी है. बारिश के कारण हाल ही में बनकर तैयार हुए जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे की भी पोल खुल गई. एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, और एक्सप्रेस वे की साइड वाली मिट्टी भी बारिश के कारण बह गई है.
एनएचएआई ने दावा किया था कि जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे का काम 100% पूरा हो चुका है. इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे पर ट्रायल का काम भी पूरा हो चुका है. इसके बावजूद मानसून की पहली बारिश को झेल नहीं पाया. एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह गड्ढे और कटाव होने की वजह से निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं. यह एक्सप्रेस वे 1368 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है. जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस-वे 67 किलो मीटर लंबा है.
जयपुर-बादीकुई एक्सप्रेस-वे पर बने गड्ढे
दौसा में मानसून की पहली बारिश ने ही सरकारी दावों की पोल खोलना शुरू कर दी है. जयपुर-बादीकुई के बीच बने एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे हो गए हैं. जिससे एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही एक्सप्रेसवे दुर्घटना को भी निमंत्रण दे रहा हैं. हालांकि जयपुर – बांदीकुई एक्सप्रेस वे अभी तक आम लोगों के लिए चालू नहीं किया गया है.
एनएचएआई ने इस एक्सप्रेस-वे पर सौ फीसदी काम पूरा होने का दावा किया था और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोले जाने की बात कही जा रही थी. साथ ही ये भी कहा था कि ट्रायल का काम भी पूरा कर लिया गया है. इसके बावजूद भी यदि मानसून की बारिश में गड्ढे होने और मिट्टी के कटाव की वजह से एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवालभीखड़ेहोंगे.
बारिश ने खोली दावों की पोल
सरकार की तरफ से लोगों की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जाता है, लेकिन बारिश के कारण एक्सप्रेस-वे पर हुए गड्ढों की वजह से निर्माण के दौरान हुए भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर करता है. गनीमत रही कि ये एक्सप्रेस वे आम जनता के लिए अभी खोला नहीं गया था. ये एक्सप्रेस-वे हादसों को दावत दे रहा है.


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