जयपुर में किसानों के लिए 42 खरीद केन्द्र स्थापित किए गए
जयपुर। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत सरसों और चना की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू होगी। पंजीकृत किसानों से इन फसलों की खरीद 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ की जाएगी। उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जयपुर ग्रामीण उदयदीप सिंह राठौड़ के अनुसार भारत सरकार ने एफएक्यू मानकों के तहत चना का MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों की सुविधा के लिए 1800-180-6001 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी जारी की गई है, जहां खरीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उप रजिस्ट्रार शिरीष वी. चान्दे ने किसानों से अपील की है कि वे मोबाइल पर प्राप्त संदेश के अनुसार तय तिथि पर ही अपनी उपज संबंधित केंद्र पर लेकर आएं। निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर तुलाई कराना आवश्यक होगा, ताकि समय पर भुगतान हो सके। जयपुर जिले में किसानों की सुविधा के लिए कुल 42 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरसों और चना की खरीद की जाएगी।
किसान संगठन बोले एक महीने पहले ही बाजार में आ चुकी सरसों
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम पाल जाट का कहना है कि सरसों फरवरी के महीने में ही बाजार में आ चुकी है। सरसों खरीद के लिए पिछले 5 वर्षों से किसान खरीद 1 फरवरी से आरंभ करने आग्रह कर रहे हैं। बिना खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा थोथा चना बाजे घणा जैसी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की सार्थकता तब ही है जब उसकी प्राप्ति की सुनिश्चितता हो, और यह तभी संभव है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्राप्ति के लिए खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए। इसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा गठित समिति के उपसमूह ने 21 अप्रैल 2023 को अनुशंसा कर दी थी, जिसे भी 3 वर्ष का समय पूरा होने वाला है किंतु सरकार ने अभी तक इस पर सार्थक कार्यवाही नहीं की।


राशिफल 21 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर