लोकसभा में फेल हुआ महिला आरक्षण बिल: बहुमत से 28 वोट दूर रह गई सरकार
नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 'संविधान (131वां संशोधन) बिल' गिरने के बाद देश में सियासी उबाल आ गया है। इस विफलता के खिलाफ भाजपा और एनडीए के सहयोगी दल शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। अमित शाह के नेतृत्व में हुई एनडीए की बैठक में तय हुआ कि इस मुद्दे को जिला मुख्यालयों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए जनता के बीच ले जाया जाएगा।
संसद से सड़क तक संग्राम
विधेयक पास न होने पर एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में जमकर नारेबाजी की। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताते हुए कहा कि कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसे दलों की महिला विरोधी सोच के कारण करोड़ों बहनों का भरोसा टूटा है। उन्होंने चेतावनी दी कि नारी शक्ति का यह अपमान विपक्ष के राजनीतिक अंत की शुरुआत साबित होगा।
विपक्ष पर तीखा हमला
नितिन नबीन ने इंडी गठबंधन को 'महिला विरोधी' करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने आधी आबादी के साथ धोखा किया है। गौरतलब है कि बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। विधेयक को पारित करने के लिए 326 वोटों (दो-तिहाई बहुमत) की आवश्यकता थी, लेकिन यह जादुई आंकड़ा न छू पाने के कारण बिल 28 वोटों से गिर गया।


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