संगीत जगत को बड़ा झटका: आशा भोसले नहीं रहीं, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
Asha Bhosle Death: बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने रविवार को दोपहर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली है. एक दिन पहले ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस समय बताया गया था कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था. इसके साथ ही उन्हें चेस्ट में भी कुछ समस्या थी. इससे पहले भी आशा भोसले को चेस्ट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था. शुरुआती मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि उनकी मौत की वजह मल्टीपल ऑर्गन फेलियर है.
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने बताया, “आज उनका निधन हो गया.जो लोग अंतिम दर्शन करना चाहते हैं, वे कल सुबह 11 बजे उनके घर आ सकते हैं. अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.
82 सालों में गाए 12000 गाने
आशा भोसले ने भी अपनी बहन की तरह ही इंडस्ट्री में नाम कमाया है और खूब शोहरत भी पाई है. उन्होंने 10 साल की उम्र में अपना पहला गाना गाया था. हालांकि उनका पहला गाना मराठी भाषा में था. इसके बाद ही उनका बतौर सिंगर सफर शुरू हो चुका था. कुल मिलाकर उन्होंने 82 सालों तक गाने गाए हैं. इसमें उन्होंने 12000 के करीब गाने गाए. उनके इस अविस्मरणीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था.
प्रधानमंत्री ने की थी जल्द स्वस्थ होने की कामना
आशा भोसले की तबीयत को लेकर जैसे ही खबर सामने आई थी. वैसे ही तमाम नेता और इंड्रस्टी के कलाकार उनसे मिलने पहुंचे थे. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि वो आशा जी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं.
ताई नाम से जानी जाती थीं आशा भोसले
निधन से पहले तक आशा भोसले की तबीयत खासी नाजुक बनी हुई थी. यही वजह है कि उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था. जनवरी 2025 में आशा भोसले को दुबई में एक कॉन्सर्ट करते देखा गया था. उन्हें प्यार से लोग ताई नाम से बुलाया करते थे. उनकी पहचान ही ताई नाम से होती थी.


राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर