अतिरिक्त सीट की अटकलों से बदले सियासी समीकरण, पार्टियों ने तेज की रणनीति
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की सीटों को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है. अप्रैल में राज्यसभा की 3 सीटें खाली हो रही हैं, जिसको लेकर मई और जून में चुनाव होगा. लेकिन इसके साथ ही अब सुगबुगाहट ये भी है कि मध्य प्रदेश में 3 नहीं बल्कि 4 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो सकता है. सियासी पंडितों के दावों के बीच एमपी के नए सियासी समीकरण भी बनते हुए नजर आ रहे हैं।
एल मुरुगन दे सकते हैं इस्तीफा?
मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में चौथी राज्यसभा सीट पर चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ एल मुरुगन को कारण माना जा रहा है. दरअसल मुरुगन मध्य प्रदेश से ही राज्यसभा गए थे और मोदी सरकार में मंत्री हैं. लेकिन डॉ एल मुरुगन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे हैं. अगर वह चुनाव जीतते हैं तो नियम के मुताबिक उन्हें राज्यसभा की सीट से इस्तीफा देना होगा. जिसके बाद मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 नहीं बल्कि 4 सीटों पर चुनाव हो सकता है. हालांकि मुरुगन का राज्यसभा का कार्यकाल 2030 तक है और वह मध्य प्रदेश से दूसरी बार राज्यसभा भेज गए थे।
4 मई को विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद होगा फैसला
केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के अलावा मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए जाने वाले तीन अन्य नेताओं में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जार्ज कुरियन का नाम शामिल है. इनके कार्यकाल खत्म हो रहे हैं. लेकिन जार्ज कुरियन को लेकर अभी भी संशय की स्थिति है. उनको लेकर चर्चा है कि वह केरल विधानसभा चुनाव में मैदान में होंगे. हालांकि यह चुनाव के बाद रिजल्ट की स्थिति पर निर्भर करेगा, कि वह राज्यसभा के लिए दोबारा जाएंगे या फिर केरल वापसी करेंगे।
बता दें कि देश में इस समय 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. इनमें पश्चिम बंगाल का चुनाव भी शामिल है. जिनके रिजल्ट 4 मई को आएंगे. जो नेता इस वक्त राज्यसभा में हैं या राज्यसभा से केंद्र में मंत्री हैं और विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे नेताओं की विधानसभा में हार या जीत राज्यसभा की सीटों पर प्रभाव डालेंगीं. इनमें से एक सीट मध्य प्रदेश से राज्यसभा की भी है।


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