बिल को लेकर विवाद बढ़ा, बिश्नोई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मारपीट
जोधपुर। शहर के बासनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद विवाद बढ़ गया. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन बिल भुगतान नहीं होने तक शव देने से मना कर रहा था. इसी मामले में समझाइश के लिए पहुंचे बिश्नोई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया और उनके साथियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाड़ी में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है. घटना का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए अस्पताल के बाहर लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला
विश्नोई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सुखराम बिश्नोई को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने करीब एक लाख रुपये का बिल भुगतान नहीं होने तक शव देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में समझाइश के लिए जब वे अस्पताल पहुंचे तो प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. इसी दौरान कुछ लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और वाहन में भी तोड़फोड़ की गई. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का क्या कहना है?
बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के अनुसार, बीती रात अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच समझाइश का प्रयास किया जा रहा है।
मामले पर क्या बोला अस्पताल प्रशासन?
अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ. बागतेश सिंह ने कहा कि अस्पताल ने शव देने के लिए किसी तरह के भुगतान की शर्त नहीं रखी थी. उनके अनुसार मृतक के परिजनों ने ही कहा था कि उनके यहां रात में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए शव को मोर्चरी में रखवा दिया जाए. उन्होंने यह भी दावा किया कि रात में कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और स्टाफ के साथ मारपीट की, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है. इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हुई।


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