कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का भूमि पूजन कर पीएम मोदी ने कहा..........नवंबर 2023 में जनता से किया वादा आज पूरा हो रहा
कोटा । राजस्थान के कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल संबोधन के माध्यम से विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने परियोजना को क्षेत्र के लिए नई उम्मीद और बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू भी मौजूद रहे। इस मौके पर कोटा संभाग को सात हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें नवंबर 2023 में कोटा की अपनी यात्रा को याद किया है, जब उन्होंने जनता से वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना नहीं रहेगा, बल्कि इस सपने को जल्द साकार किया जाएगा। आज उस वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है और एयरपोर्ट निर्माण का कार्य शुरू होने वाला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी तक कोटा के लोगों को हवाई यात्रा के लिए जयपुर या जोधपुर जाना पड़ता था, इससे समय और असुविधा दोनों होती थी। लेकिन एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी। इससे कोटा और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा सुविधाजनक होगी और व्यापार व उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
पीएम मोदी ने कोटा को केवल शिक्षा का ही नहीं बल्कि ऊर्जा का भी बड़ा केंद्र बताया। उनके अनुसार यह एक अनूठा क्षेत्र है जहां न्यूक्लियर, कोयला आधारित, गैस और जल ऊर्जा जैसे करीब सभी स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। इसके साथ ही कोटा और हाड़ौती की धरती आस्था और उद्यम का भी बड़ा केंद्र है। यहां सदियों से देश-विदेश के श्रद्धालु श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशवराय पाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी महाराज और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोटा तेजी से कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहां के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो कोटा और बूंदी से होकर गुजर रहा है, पूरे क्षेत्र के विकास के नए अवसर पैदा कर रहा है। इससे दिल्ली, वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी अब कुछ ही घंटों में तय होगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और विशेष रूप से एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री के लिए यह क्षेत्र एक बड़ा केंद्र बन सकता है। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का यह नया अध्याय कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के विकास को और अधिक गति देगा।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के लिए कोटा के सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिरला जी लगातार कोटा के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें नए मौके दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने उन्हें एक उत्कृष्ट सांसद और समर्पित लोकसभा अध्यक्ष बताकर कहा कि वे संविधान और संसदीय व्यवस्था के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं तथा सदन में सभी पक्षों के सदस्यों का समान सम्मान करते हैं।


लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर
EC का एक्शन: पीएम मोदी पर टिप्पणी भारी पड़ी, खरगे को नोटिस जारी
किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा