राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता, 15 साल बाद गिरफ्तारी
करौली|राजस्थान पुलिस के ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत करौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में सूरौठ थाना पुलिस ने 15 वर्षों से फरार चल रहे ₹20,000 के इनामी बदमाश हंसराज उर्फ हंसा गुर्जर (34) को तेलंगाना के सिकंदराबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
हथियार के दम पर लूट की वारदातें
भरतपुर जिले के चंदोलपुरा का रहने वाला हंसराज उर्फ हंसा गुर्जर कुख्यात डकैत प्रेम सिंह गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। वर्ष 2011 में सूरौठ क्षेत्र में हथियार की नोंक पर लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद वह जमानत पर छूटा और फरार हो गया। इसके बाद उसने भरतपुर के गढ़ी-बाजना, वैर और रुदावल क्षेत्रों में लूट और डकैती की योजना सहित कई गंभीर वारदातों में भूमिका निभाई।
पहचान बदलकर तेलंगाना में छिपा
पुलिस से बचने के लिए आरोपी राजस्थान छोड़कर दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य चला गया। वहां उसने नाम-पता बदलकर सिकंदराबाद में रहना शुरू कर दिया। एसपी सोनवाल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सूरौठ थानाधिकारी सोहन सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी और आसूचना तंत्र की मदद से टीम ने हजारों किलोमीटर दूर सिकंदराबाद पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कई जिलों में दर्ज हैं मामले
हंसा गुर्जर के खिलाफ भरतपुर, करौली और धौलपुर जिलों के विभिन्न थानों में लूट, डकैती, डकैती की साजिश, आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और गंभीर मारपीट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पूरी कार्रवाई भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक कैलाश चंद्र विश्नोई और एसपी करौली लोकेश सोनवाल के निर्देशन में हुई, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र पाल ने सुपरविजन किया। पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों और गिरोह के सदस्यों के संबंध में पूछताछ कर रही है।


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