कोर्ट का सख्त फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा
Raigarh News : रायगढ़ जिले से एक गंभीर अपराध मामले में न्यायालय का सख्त और अहम फैसला सामने आया है। शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय एफटीएससी के न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में चार माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने 7 दिसंबर 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, मोहल्ले में रहने वाला कार्तिक जायसवाल (25) पिछले करीब दो वर्षों से उसे पसंद करने और शादी करने का झांसा दे रहा था।
पीड़िता ने बताया कि जुलाई 2024 की रात करीब 12 बजे आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया, जहां उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोरबा चली गई, लेकिन वहां भी आरोपी उसके माता-पिता के काम पर जाने के बाद उससे मिलने आता रहा और शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसी दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई।
जब पीड़िता ने आरोपी से शादी की बात कही, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने खरसिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) और 65(1) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सख्त सजा सुनाई।


राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर