कहा: महिलाएं अपने भविष्य और अधिकार तय करें
ईरान |नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ये विरोध अचानक नहीं हुए। ईरान में सरकार ने बहुत पहले से ही लड़कियों और महिलाओं की आजादी पर सख्त पाबंदियां लगा रखी हैं। खासकर शिक्षा में उन्हें बहुत कम अधिकार मिलते हैं। उन्होंने कहा, ‘दुनिया की बाकी लड़कियों की तरह ईरानी लड़कियां भी सम्मान और गरिमा के साथ जीना चाहती हैं। वे सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी में अपनी मर्जी से फैसले लेना चाहती हैं।’मलाला यूसुफजई ने कहा, ‘ईरान के लोग कई सालों से इस अन्याय के खिलाफ बोलते आ रहे हैं। लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर भी उनकी आवाज दबा दी जाती रही है। ये नियम सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं हैं। पूरे समाज में महिलाओं पर अलग तरह के नियंत्रण हैं - जैसे अलग-अलग बैठना, हर समय निगरानी रखना और गलती करने पर सजा मिलना।’ उन्होंने कहा कि इन सबकी वजह से महिलाओं को अपनी पसंद की जिंदगी जीने, फैसले लेने और सुरक्षित महसूस करने का हक नहीं मिल पाता। ईरानी महिलाएं और लड़कियां अब अपनी आवाज सुनाई देने और अपना भविष्य खुद तय करने की मांग कर रही हैं।
ईरानी महिलाओं के समर्थन में क्या कहा
मलाला यूसुफजई ने साफ कहा कि वे ईरान की जनता और खासकर लड़कियों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का भविष्य ईरान के लोग ही खुद बनाएं और इसमें महिलाओं व लड़कियों की अहम भूमिका हो। कोई बाहर का देश या दमनकारी सरकार इसमें दखल न दे। मालूम हो कि अभी ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और महिलाओं के अधिकारों पर रोक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। मलाला की यह बात दुनिया भर में ईरानी महिलाओं के संघर्ष को मजबूत समर्थन दे रही है।


कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर
EC का एक्शन: पीएम मोदी पर टिप्पणी भारी पड़ी, खरगे को नोटिस जारी
किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा
होर्मुज जलडमरूमध्य बना जंग का मैदान: भारत आ रहे 'एपामिनोडेस' जहाज पर हमला
कलयुगी बेटे का कहर, पिता को पीटकर मार डाला