गंगा की धाराओं से रुका प्रोजेक्ट, NHAI ने किया समाधान प्रस्तावित
यूपी के प्रयागराज में रिंग रोड परियोजना के तहत दूसरे चरण में बनाए जा रहे सिक्स लेन पुल का निर्माण कार्य गंगा नदी में आई प्राकृतिक बदलावों के कारण प्रभावित हो गया है. संगम से आगे गंगा में दो धाराएं निकल आने और उनके बीच टापू बन जाने से पुल की बुनियाद यानी पिलर निर्माण का काम पिछले तीन महीनों से ठप पड़ा है. स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब पीपे के पुल बनाकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है |
दूसरे चरण में यह सिक्स लेन पुल नीबी कला, छतनाग से नैनी स्थित सरस्वती हाईटेक सिटी तक बनाया जा रहा है. कुल 3100 मीटर लंबाई वाले इस पुल पर 80 पिलर प्रस्तावित हैं. जनवरी 2024 से शुरू हुए निर्माण कार्य में अब तक 50 पिलर की बुनियाद भरने का काम पूरा किया जा चुका है. हालांकि, बीते तीन महीनों से गंगा में दो धाराएं बहने के कारण शेष 30 पिलर का कार्य रुक गया |
दो धाराएं और बीच में टापू बना बाधा
एक धारा सरस्वती हाईटेक सिटी की ओर और दूसरी धारा छतनाग की ओर बह रही है। दोनों धाराओं के बीच एक टापू बन जाने से भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री को पिलर साइट तक पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा था। इसी चुनौती से निपटने के लिए NHAI ने अस्थायी पीपे के पुल बनाने का फैसला लिया।
पीपे के पुल से मिलेगी राहत
प्राधिकरण की ओर से सरस्वती हाईटेक सिटी की दिशा में 100 मीटर लंबा पीपे का पुल तैयार कर लिया गया है, जबकि छतनाग की ओर 300 मीटर लंबे पीपे के पुल का निर्माण कार्य जारी है. अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर दूसरा पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे बचे हुए पिलरों की बुनियाद भरने का काम फिर से शुरू किया जा सकेगा |
2-3 महीने में बुनियाद पूरी करने का लक्ष्य
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के ठेकेदार एसपी सोनी ने बताया कि पीपे के पुल केवल अस्थायी व्यवस्था हैं, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके. उनका कहना है कि प्रयास है कि अगले दो से तीन महीनों में सभी पिलरों की बुनियाद पूरी कर ली जाए और इसके बाद पुल के ऊपरी हिस्से का काम शुरू कर दिया जाए |
महत्वपूर्ण है परियोजना
यह सिक्स लेन पुल प्रयागराज रिंग रोड का अहम हिस्सा है, जिससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी | अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पीपे के पुल बनते ही निर्माण कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है |


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