कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता - मंत्री टेटवाल
भोपाल : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशलम् संवाद का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधे जुड़कर उनके कौशल, प्रगति, अवसरों और उपलब्धियों को समझना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को वैश्विक मानकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को देश-विदेश में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद के प्रथम चरण में बच्चों से उनकी यात्रा, चुनौतियों और सफलता के अनुभव सुनकर वे विशेष रूप से प्रसन्न और प्रोत्साहित हुए।
मंत्री टेटवाल ने सिंगापुर कौशल प्रशिक्षण के लिए चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके करियर को नई दिशा देगा बल्कि वे लौटकर अपने संस्थानों और साथियों को भी उन्नत प्रशिक्षण में सहयोग करेंगे, जिससे विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर जाकर बच्चे जिस तरह उच्च तकनीक और कार्य-संस्कृति को सीखेंगे, वह कौशल भारत अभियान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्री टेटवाल ने संवाद के दौरान यह भी बताया कि प्रदेश में आईटीआई संस्थानों से निकलने वाले युवा अब बड़ी कंपनियों में कार्य कर रहे हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि कौशल प्रशिक्षण का स्तर लगातार उच्च हो रहा है। संवाद में उन्होंने अंचल की उन शाला त्यागी बालिकाओं से बात की जिन्होंने आईटीआई में प्रवेश लिया, विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत हैं। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह उदाहरण महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है और यह देखकर संतोष होता है कि बेटियाँ लगातार नए अवसरों को अपनाकर आगे बढ़ रही हैं।
डिवीजनल आईटीआई भोपाल के श्रवण बाधित विद्यार्थियों के साथ संवाद में मंत्री टेटवाल ने उनके नेशनल डेफ क्रिकेट टीम में चयन पर शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। उन्होंने बच्चों को बताया कि उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है और सरकार समावेशी कौशल प्रशिक्षण को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री टेटवाल ने जर्मनी में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर आने वाले पिपरिया आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी बलदेव शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जायेगी और इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रदेश का कौशल ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा। इसी क्रम में उन्होंने आईटीआई खिलचीपुर के 42 प्रशिक्षणार्थियों के कैम्पस प्लेसमेंट पर बधाई दी। प्रशिक्षणार्थियों को देवास की वोल्वो आइशर कंपनी से नौकरी के ऑफर लेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रशिक्षण और उद्योगों के बीच सक्रिय सहयोग का परिणाम है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी आईटीआई से निकलकर प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में जॉब पाकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम भी रोशन कर रहे हैं।
आईटीआई झाबुआ की 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिभा सिंटेक्स लिमिटेड पीथमपुर में ऑन द जॉब ट्रेनिंग (OJT) मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल इन बालिकाओं के रोजगार अनुभव को विस्तार देगा बल्कि प्रदेश में महिला कौशल विकास और रोजगार संवर्धन के लिए प्रेरक उदाहरण बनेगा। उन्होंने जबलपुर में संस्थान की भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने और उसे पुनः प्रशिक्षण कार्यों के लिए उपलब्ध कराने के प्रयासों को भी सराहनीय बताया और टीम को बधाई दी।
कौशलम् संवाद के प्रथम चरण के इस कार्यक्रम में छात्रों में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने मंत्री से सीधे संवाद कर अपनी प्रगति साझा की और मंत्री टेटवाल के मार्गदर्शन से नए कौशल लक्ष्यों को निर्धारित करने का आत्मविश्वास प्राप्त किया।


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