बिना चुनाव लड़े नीतिश कैबिनेट में मंत्री बने उपेंद्र कुशवाहा के सुपुत्र
पटना। नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। मंत्रिमंडल में इस बार कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इस बार दीपक प्रकाश ने भी शपथ ली, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़े है।
दीपक को उनके नाम और तस्वीर से भले ही आपने ना पहचाना हो, लेकिन उनके पिता को अच्छी तरह पहचानते है। दीपक प्रकाश बिहार के बड़े नेता उपेंद्र कुशवाहा के सुपुत्र हैं। कुशवाहा अपने ‘लव-कुश’ समीकरण के लिए मशहूर हैं। दरअसल, ओबीसी कुर्मी समुदाय और ओबीसी कुशवाहा (कोइरी) समूह को एक साथ लव-कुश कहा जाता है। इनकी बिहार में अच्छी आबादी है और उपेंद्र कुशवाहा को इस वर्ग का सबसे प्रमुख नेता माना जाता है।
एनडीए के सहयोगी के रूप में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। पार्टी को 6 सीटें मिली थीं जिसमें से चार जीतने में कामयबा रही। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद के लिए अपने विधायकों की बजाय अपने सुपुत्र पर भरोसा जताया है, जो इस समय किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्हें अगले छह महीने में विधानपरिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा।
पत्नी विधायक और बेटा मंत्री
राज्यसभा सासंद कुशवाहा ने 20 फरवरी 2023 को नई पार्टी का गठन किया था। पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरी आरएलएम को नीतीश कैबिनेट में एक मंत्री पद मिला है। उपेंद्र ने 2013 में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की स्थापना की थी, जिसे उन्होंने 2021 में जनता दल (यूनाइटेड) में विलय किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने अब अपने बेटे को सियासत में स्थापित करने के लिए मंत्री पद दिया है, तब उनकी पत्नी भी विधानसभा में मौजूद रहेंगी।


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