‘ऑपरेशन त्रिशूल’ में दिखी वायुसेना की ताकत, बाखासर एक्सप्रेस-वे पर उतरे फाइटर जेट
बाड़मेर: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पाक सीमा सटे राजस्थान के बाड़मेर-जालोर जिले से सटे बाखासर गांधव में सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू हो चुका है। यहां गांधव एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन उतर रहे हैं। सी-295 प्लेन उतरा। इसके बाद हाईवे पर रन की प्रैक्टिस की। एयरक्राफ्ट C-295 ने हवाई पट्टी पर पहले टच एंड गो कर उड़ान भरी। इसके बाद हवाई पट्टी पर उतरा। दरसअल ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैसलमेर में सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'ऑपरेशन त्रिशूल' चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को बाड़मेर के बाखासर गांधव में एयरफोर्स का महागजराज युद्धाभ्यास किया जा रहा है।
यह अभ्यास ज़िले बाखासर एक्सप्रेसवे 925A पर गांधव इलाके में बनी तीन किलोमीटर लंबी और 33 मीटर चौड़ी आपातकालीन एयर स्ट्रिप पर हो रहा है। एक्सप्रेस-वे उतरने के दौरान सेना और पुलिस के जवान तैनात रहे। इस दौरान हाईवे पर पूरी तरह से आवाजाही को बंद कर दिया गया है।
आज यहां सबसे पहले फाइटर जेट C-295 ग्लोबमास्टर हवाई पट्टी पर टच एंड गो करके निकला। रन का पूरा ट्रायल भी किया। तेजस, जगुआर और सुखोई भी उतरेंगे। यह एयर स्ट्रिप भारत-पाकिस्तान तारबंदी बॉर्डर से महज 40 किमी. दूरी पर बनाई गई है। इस एक्सप्रेसवे पर यह तीसरी एक्सरसाइज है, जब फाइटर प्लेन को उतारा गया है। युद्धाभ्यास शुरू होने से पहले हाईवे पर आवाजाही बंद कर गई थी।
हवाई पट्टी के दोनों सिरों पर 40 गुणा 180 मीटर की दो पार्किंग भी बनाई गई है। जिससे फाइटर प्लेन को पार्किंग में रखा जा सके। इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है। जिसमें वॉशरूम सहित कई सुविधाएं भी दी गई है। हवाई पट्टी के सहारे से 3.5 किमी. लंबी 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है।


आतंकवाद पर भारत का सख्त स्टैंड, Rajnath Singh का पाकिस्तान को संदेश
पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
सरकार का साफ संदेश—ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं
प्रत्याशियों की संपत्ति ने खींचा ध्यान, करोड़ों की दौलत का खुलासा
भोपाल से घोषणा: नई पीढ़ी पढ़ेगी ‘नर्मदा टाइगर’ राजा हिरदेशाह की कहानी
महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं