टीम चयन पर क्यों नहीं चलेगी गंभीर-सूर्यकुमार की राय, जानिए बीसीसीआई का नियम
नई दिल्ली : एशिया कप के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन मुंबई में होगा. किन खिलाड़ियों को यूएई में ये टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा ये एक बड़ा सवाल है. बता दें कई बड़े नाम एशिया कप के स्क्वाड से बाहर हो सकते हैं. शुभमन गिल का सेलेक्शन भी मुश्किल ही होता दिख रहा है. क्या श्रेयस अय्यर को टीम में जगह मिलेगी ये भी एक बड़ा सवाल है. वैसे बैठक से पहले आपको बता दें कि आखिर टीम इंडिया का सेलेक्शन कैसे होता है? कौन-कौन लोग मिलकर खिलाड़ियों को चुनते हैं? किसके वोट से तय होती है खिलाड़ी की किस्मत?
सेलेक्शन कमेटी की बैठक में कौन-कौन शामिल होता है?
भारतीय क्रिकेट टीम की सेलेक्शन कमेटी की बैठक में चयन समिति के पांच सदस्य शामिल होते हैं. जो अलग-अलग जोन से चुने जाते हैं. फिलहाल अजीत अगरकर सेलेक्शन कमेटी के हेड हैं जो कि इस मीटिंग को लीड करते हैं.
चयन समिति की बैठक में कप्तान भी शामिल होता है. मतलब एशिया कप की सेलेक्शन मीटिंग में सूर्यकुमार यादव शामिल होंगे ताकि वो अपनी राय दे सकें. हालांकि सूर्यकुमार यादव के पास वोटिंग पावर नहीं होती. वो चाहकर भी किसी खिलाड़ी को नहीं चुन सकते, लेकिन उनकी सलाह को जरूर तरजीह दी जाती है. सेलेक्शन कमेटी की बैठक में हेड कोच भी शामिल होते हैं. फिलहाल हेड कोच गौतम गंभीर हैं और वो बैठक में अपनी राय देने के लिए शामिल हो सकते हैं. हेड कोच को भी वोटिंग का कोई अधिकार नहीं होता.
BCCI का अधिकारी भी होता है शामिल
बीसीसीआई का एक अधिकारी भी सेलेक्शन कमेटी की बैठक में शामिल होता है. आमतौर पर बीसीसीआई सचिव इस बैठक में मौजूद होत हैं. या कोई और कन्वीनर बैठक को संचालित करने के लिए मौजूद हो सकता है. ये सब बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक होता है. अगर जरूरी हो, या कुछ खास परिस्थितियों में स्पेशलिस्ट या विशेष सलाहकार भी बैठक में मौजूद हो सकते हैं.


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