चीन ने ड्रोन से रचा नया इतिहास, एक साथ उड़ाए 11,787 ड्रोन, बना विश्व रिकॉर्ड
बीजिंग। चीन ने तकनीक के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश के चोंगक्विंग शहर में एक साथ 11,787 ड्रोनों को उड़ाकर एक अनोखा लेजर शो प्रस्तुत किया गया, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। इस शो के जरिए हवा में दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन से बनी तस्वीर तैयार की गई। यह आयोजन शहर के 28वें स्थापना दिवस पर किया गया था।
ड्रोन शो का मुख्य उद्देश्य चोंगक्विंग शहर की तरक्की, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना था। शो के दौरान आसमान में उड़ते हुए ड्रोनों ने डॉलफिन, विशाल पेड़ और पहाड़ जैसे 3-डी आकार बनाए, जिन्हें देखकर दर्शक दंग रह गए। रात के समय हुए इस शो में रोशनी और तकनीक का अद्भुत मेल देखने को मिला।
गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने इस आयोजन को प्रमाणित करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन इमेज डिस्प्ले है। इस रिकॉर्ड से चीन ने वैश्विक मंच पर ड्रोन तकनीक में अपनी श्रेष्ठता का एक और उदाहरण पेश किया है।
पहले भी बने हैं अनोखे रिकॉर्ड
ड्रोन से जुड़े रिकॉर्ड कोई नई बात नहीं है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर हुआ यह प्रदर्शन अभूतपूर्व रहा है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ब्रैडबरी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था। कैंसर से जूझते हुए उन्होंने सिर्फ 109 ड्रोनों की मदद से 3 मिनट में सबसे ज्यादा इमोजी आसमान में बनाने का रिकॉर्ड कायम किया था। हालांकि चीन का यह नया रिकॉर्ड उस प्रयास को कहीं अधिक बड़े स्तर पर दर्शाता है।


राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर