मिट्टी धंसने की घटना के बाद शहडोल में चला पुलिस का दंडात्मक अभियान, 5 पर मामला दर्ज
शहडोल : भरी बरसात में सीवरलाइन का काम करने के दौरान पिछले दिनों दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी. सीवर लाइन के गड्ढे में पाइप डालते वक्त दो मजदूर उसमें दब गए थे. इस घटना के बाद शहडोल की सोहागपुर पुलिस ने प्रोजेक्ट इंजीनियर समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
कैसे हुआ था सीवर लाइन हादसा?
17 जुलाई को भरी बरसात में सीवर लाइन का काम करते समय दो मजूदरों की दबकर मौत हो गई थी. शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया, '' 17 जुलाई को कोनी में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान दो मजदूर दब गए थे. इस संबंध में सोहागपुर थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर में प्रथम दृष्टया जिन लोगों को मुख्य आरोपी पाया गया है, उसमें प्रमुख रुप से प्रोजेक्ट इंजीनियर, जो सेफ्टी के लिए जवाबदार थे और बाकी सुपरवाइजर व अन्य को आरोपी बनाया गया है.''
शहडोल में सालों से सीवर लाइन का काम जारी
बता दें कि पिछले कई सालों से शहडोल जिले में सीवर लाइन का काम चल रहा है लेकिन अबतक ये पूरा नहीं हो सका है, सीवर लाइन के काम की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा भी था, फिर भी भरी बरसात में सीवर लाइन का काम चलता रहा. इसी दौरान 17 जुलाई को वार्ड नंबर एक कोनी में हादासा हो गया. पाइप डालते वक्त गड्ढे में मुकेश बैगा और महिपाल बैगा की दबकर मौत हो गई. कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों की बॉडी को बाहर निकाला गया था, इसके लिए लगभग 10 से 12 घंटे तकरेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था.
इसे लेकर क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश है. साथ ही मजदूरों की मौत ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल कर रख दी है. सोहागपुर पुलिस के मुताबिक इस मामले में विवेचना की जा रही है और कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जा सकता है.


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