"सफलता की कहानी"
छिन्‍दवाड़ा/ छिन्दवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पालाचौरई की श्री स्व-सहायता समूह को तालाब में मोती पालन जैसी अभिनव आजीविका गतिविधि के लिए दिनांक 12 जुलाई 2025 को भोपाल में आयोजित निषादराज सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान समूह द्वारा किए गए नवाचार एवं सफल क्रियान्वयन की सराहना स्वरूप प्रदान किया गया।
       यह नवाचार कलेक्टर श्री शीलेन्‍द्र सिंह की विशेष पहल पर प्रारंभ किया गया, जो राज्य में मोती पालन की शुरुआत का पहला प्रयोग भी है। ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने पारंपरिक तालाबों का वैज्ञानिक उपयोग करते हुए मोती उत्पादन जैसी उच्च मूल्य की गतिविधि को बढ़ावा देने की योजना तैयार की। इसी क्रम में ग्राम पालाचौरई की श्री स्व-सहायता समूह को चिन्हित कर, कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव के तकनीकी सहयोग से अक्टूबर 2024 में तालाब में मोती पालन की शुरुआत कराई गई।
        प्रशासनिक सहयोग, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और समूह की मेहनत से यह पहल जल्दी ही सफलता की ओर अग्रसर हुई। इससे महिलाओं को न केवल आय का नया साधन मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान की भी एक नई राह खुली।
        समूह की इस अनोखी कोशिश को स्थानीय से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक सराहना मिली। इसी नवाचार की उपलब्धि के रूप में भोपाल में आयोजित निषादराज सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा समूह को सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल महिलाओं की मेहनत का प्रतिफल है, बल्कि कलेक्टर श्री सिंह की दूरदर्शिता और छिन्दवाड़ा जिले की नवाचार क्षमता का प्रमाण भी है।