शिवमोग्गा जेल में छापे के दौरान कैदी ने निगल लिया मोबाइल, सर्जरी कर निकाला गया
शिवमोग्गा। शिवमोग्गा केंद्रीय कारागार में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें छापेमारी के दौरान एक कैदी ने मोबाइल फोन निगल लिया। इस घटना ने जेल परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, जेल में अचानक हुई छापेमारी के दौरान दौलत उर्फ गुंडू (30 वर्ष) नामक एक कैदी, जो एक आपराधिक मामले में 10 साल की सजा काट रहा है, ने मोबाइल फोन को छिपाने के इरादे से उसे निगल लिया। इसके बाद उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जिसे गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने उसे 24 जून को मैकगैन सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
एक्स-रे में खुलासा, ऑपरेशन कर निकाला गया मोबाइल
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा किए गए एक्स-रे में साफ दिखाई दिया कि उसके पेट में मोबाइल फोन फंसा हुआ है। दो दिन बाद, 26 जून को सर्जनों ने सर्जरी कर सफलतापूर्वक फोन निकाल लिया। डॉक्टरों ने बताया कि निगला गया डिवाइस ‘केचाओडा’ ब्रांड का मोबाइल फोन था।
सुरक्षा में चूक या मिलीभगत?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कैदी ने पुलिस छापेमारी के दौरान पकड़े जाने के डर से मोबाइल निगल लिया था। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कड़ी निगरानी के बावजूद मोबाइल फोन जैसे प्रतिबंधित वस्तुएं जेल के भीतर कैसे पहुंच रही हैं? सूत्रों के अनुसार, कुछ जेल कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। जेल अधीक्षक रंगनाथ पी. ने इस संबंध में तुंगानगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और अब इस मामले की जांच पुलिस के साथ-साथ जेल विभाग द्वारा भी की जा रही है। हालांकि यह घटना 24 जून की है, लेकिन अब सार्वजनिक होने के बाद शिवमोग्गा सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं।


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