कोटा बैराज के दो गेट खोलने से झरेल बालाजी की पुलिया डूबी, आवागमन कटा, ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश
खण्डार/छाण। कोटा बैराज के दो गेट खोलने से उपखण्ड क्षेत्र में बहने वाली चंबल नदी में जल स्तर बढ़ गया है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने को कहा है। वहीं चंबल में जल स्तर बढ़ने से खंड़ार से कोटा बारां को सीधा जोड़ने वाली झरेल बालाजी की पुलिया जल मग्न हो गई है। इससे लोगों का कोटा से सीधा सम्पर्क कट गया है। अब खंडार क्षेत्र के लोग श्योपुर मध्यप्रदेश होते हुए कोटा, बारां पहुंच रहे हैं। वहीं चम्बल नदी किनारे बसे कैथूदा, नया गांव, छापोल, इटावा, खातोली का सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय से सम्पर्क कट गया है।
कोटा-बारां के लिए लगाना होगा श्योपुर का फेर रामेश्वर धाम नाके पर कार्यरत वनकर्मी गणपत चौधरी ने बताया कि चम्बल नदी में जल स्तर बढ़ गया है। झरेल के बालाजी की पुलिया पर जल स्तर बढ़ने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इससे जहां खंडार का कोटा-बारां से सीधा संपर्क कट गया है। वहीं सवाईमाधोपुर से खातौली- इटावा व बारां जाने वाले यात्रियों का भी सीधा संपर्क कट गया है। इससे खंडार से कोटा-बारां जाने वाले लोगों को 30 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर लगाकर श्योपुर के रास्ते से आवागमन करना पड़ेगा। यह मार्ग बरसाती सीजन में 3 से 4 महीने तक पूरी तरह बंद रहेगा।
प्रशासन बेखबर
चम्बल नदी में पानी की आवक बढ़ने की सूचना नहीं मिली है। हो सकता है एसडीएम के पास सूचना आई होगी। एसडीएम सीमा खेतान से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका।
पुष्कर सिंह, तहसीलदार, खंडार


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