मॉर्निंग वॉक बनी मौत का सफर: बाराबंकी में बेकाबू पिकअप ने ली एक बच्ची की जान, दो गंभीर घायल
उत्तर प्रदेश में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. हादसे में एक मासूम की मौत हो गई है. मृतक मासूम बच्ची की पहचान पलक (7) के रूप में हुई है. ये दर्दनाक सड़क हादसा बाराबंकी जिले के टिकैतनगर कस्बे में हुआ. टिकैतनगर कस्बे में तीन मासूम बच्चियां सैर पर निकली थीं. तीनों बच्चियां तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आ गईं. हादसे में एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं.
ये हादसा टिकैतनगर थाने के पास स्थित शहीद भगत सिंह पार्क के पास हुआ है. इस हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार यानी आज सुबह करीब छह बजे सात वर्षीय पलक अपनी सहेलियों शिवांशी और रानी के साथ टहलने निकली थी. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक पिकअप ने तीनों को कुचल दिया. बताया जा रहा है कि पिकअप में डीजे का सामान लदा हुआ था और वाहन की रफ्तार काफी तेज थी.
घायल बच्चियों का इलाज है जारी
हादसे में पलक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवांशी और रानी बुरी तरह घायल हो गईं. हादसा थाने से कुछ ही दूरी पर हुआ, इसलिए पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को जीप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. डॉक्टरों ने पलक को मृत घोषित कर दिया, वहीं घायल बच्चियों का इलाज जारी है. मासूम पलक की मौत की खबर मिलने पर पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई. अस्पताल पहुंचते ही परिजन बेसुध होकर रोने लगे. परिजनों की हालत बेहद खराब है.
पुलिस ने पिकअप वाहन की शुरू की तलाश
बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियां सहेलियां थीं और रोज सुबह टहलने जाया करती थीं. वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पिकअप वाहन की तलाश शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.


पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
सरकार का साफ संदेश—ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं
प्रत्याशियों की संपत्ति ने खींचा ध्यान, करोड़ों की दौलत का खुलासा
भोपाल से घोषणा: नई पीढ़ी पढ़ेगी ‘नर्मदा टाइगर’ राजा हिरदेशाह की कहानी
महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सबूत कमजोर या जांच में खामी? केस पर उठे सवाल